
चंदन की खेती के लिए उर्वर मिट्टी और अच्छी जल निकासी वाली भूमि चुनें। कीचड़ या पानी जमा रहने वाली भूमि से बचें, क्योंकि चंदन को स्वस्थ वृद्धि के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है।

चंदन के पौधे लगाने के समय, पौधों के बीच 12 फीट और पंक्तियों के बीच 15 फीट का अंतर रखें। सही अंतर से स्वस्थ वृद्धि, पर्याप्त धूप और बेहतर वायु संचरण सुनिश्चित होता है।

हर चंदन के पौधे के साथ प्राथमिक होस्ट पौधा लगाना अनिवार्य है। यह युवा चंदन के पौधे को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, वृद्धि को बेहतर बनाता है और शुरुआती वर्षों में पौधे की स्वस्थ वृद्धि सुनिश्चित करता है।

युवा चंदन के पौधों की स्वस्थ वृद्धि के लिए पहले 3 वर्षों तक नियमित रूप से सिंचाई करें। इसके बाद, पानी कम दें ताकि पौधे का हार्टवुड अच्छी तरह विकसित हो और उच्च गुणवत्ता वाली लकड़ी प्राप्त हो। उचित सिंचाई प्रबंधन उच्च उपज और लंबे जीवनकाल के लिए आवश्यक है।

चंदन के पौधों को फंगल संक्रमण और कीटों से बचाने के लिए नियमित रूप से फंगीसाइड और कीटाणुनाशक का छिड़काव करें। समय पर कीट नियंत्रण से स्वस्थ वृद्धि, अधिक जीवित रहने की दर और उच्च गुणवत्ता वाला हार्टवुड सुनिश्चित होता है। हमेशा इको-फ्रेंडली और अनुशंसित कृषि तकनीकों का पालन करें।

12–15 वर्षों के बाद परिपक्व चंदन के पेड़ों की सावधानीपूर्वक कटाई करें। हार्टवुड को बाहरी लकड़ी (सैपवुड) से अलग करें और बाज़ार में बिक्री के लिए तैयार करें। सही कटाई से अधिकतम लाभ, उच्च गुणवत्ता वाली लकड़ी और बाजार संपर्क एवं बायबैक विकल्पों का लाभ मिलता है।
सर्वोत्तम रोपण समय: जून–जुलाई चंदन के पेड़ लगाने के लिए सबसे उपयुक्त है।
पौधे का आकार: रोपण के समय प्रत्येक पौधा कम से कम 1 फीट ऊँचा होना चाहिए।
जैविक खाद: गड्ढे में जैविक खाद या कम्पोस्ट डालें ताकि मिट्टी की उर्वरता बढ़े और पौधों की शुरुआती वृद्धि अच्छी हो।
पहले 3 वर्षों में देखभाल: पौधे की पहली 3 वर्षों तक विशेष देखभाल करें।
अतिरिक्त आय के लिए इंटरक्रॉपिंग: शुरुआती वर्षों में अन्य उपयुक्त फसलों के साथ इंटरक्रॉपिंग करके अतिरिक्त आय अर्जित करें
5 वर्षों के बाद सिंचाई कम करें: सिंचाई धीरे-धीरे कम करें ताकि हार्टवुड की सही तरह से वृद्धि हो और गुणवत्ता बढ़े।
| Problem | Reason | Solution |
|---|---|---|
| पौधे का सुखाना | अत्यधिक पानी / जल जमाव (Waterlogging) | उचित जल निकासी प्रदान करें |
| फंगस (फफूंदी) की समस्या | अत्यधिक नमी या वर्षा | फंगीसाइड का छिड़काव |
| दीमक (Termite) की समस्या | मिट्टी में दीमक (Termites) की उपस्थिति | क्लोरपाइरिफ़ोस का उपयोग |
| हार्टवुड की कमी | अत्यधिक पानी या उर्वरक | 5 वर्षों के बाद: सिंचाई कम करें और जैविक उर्वरक का उपयोग करें |
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